यू में भ्रष्टाचार और फर्जी जानकारी के आधार पर नैक ग्रेडिंग की राष्ट्रपति से शिकायत
केंद्रीय विश्वविद्यालय में अनियमितताओं पर ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग
बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर, में गंभीर प्रशासनिक और शैक्षणिक अनियमितताओं को लेकर छात्रों और समाजसेवियों ने राष्ट्रपति के माध्यम से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। छात्रों ने विश्वविद्यालय में कुप्रबंधन, भ्रष्टाचार और संसाधनों के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं।
छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष गजानंद श्रीवास के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में कई गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं।
प्रमुख आरोप:
1. शैक्षणिक कैलेंडर का उल्लंघन: परीक्षा और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में बार-बार देरी के कारण छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
2. संसाधनों का दुरुपयोग: अवैध पेड़ कटाई और पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन।
3. प्रवेश प्रक्रियाओं में अनियमितताएं: कुलपति पर व्यक्तिगत लाभ के लिए सुपरन्यूमेरेरी कोटा के दुरुपयोग का आरोप।
4. स्थायी शिक्षकों की कमी: अस्थायी शिक्षकों और शोधार्थियों के भरोसे चल रहे विभाग।
5. वित्तीय गड़बड़ियां: बीज अनुदान और टेंडर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार।
6. NAAC रिपोर्ट में गलत जानकारी: झूठे आंकड़ों का उपयोग कर मान्यता प्राप्त करना।
7. बुनियादी सुविधाओं की कमी: वाई-फाई, पेयजल, शौचालय, और परिवहन जैसी सेवाएं छात्रों के लिए उपलब्ध नहीं हैं।
छात्रों की मांग:
छात्रों ने राष्ट्रपति से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए निष्पक्ष जांच और सुधारात्मक कदम उठाने की अपील की है। यह ज्ञापन शिक्षा मंत्री और बिलासपुर के सांसद को भी प्रतिलिपि के रूप में भेजा गया है।
समाज में आक्रोश:
छात्रों का कहना है कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता और छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाएगा।
प्रशासन का जवाब अपेक्षित:
इस ज्ञापन के बाद अब जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन पर छात्रों और समाज की नजर है।


